सफर में सुविधा और समय की बात न करें

शहर से विमान सेवा बंद। वजह यात्रियों का पर्याप्त लोड न मिलने से घाटा बताया गया, पर यह पूरी तरह सच नहीं। इकलौती दिल्ली की विमान सेवा कभी लोगों का भरोसा नहीं जीत सकी। कभी विमान नहीं आया तो कभी मौसम खराब होने से उतर नहीं पाया। अब सफर के लिए बची रेल, तो दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की भरमार से रोज ही गड़बड़ाया रहता संचालन। कई ट्रेनों तो लेट चलने के लिए बदनाम हो चुकी हैं। सेंट्रल स्टेशन पर रेल कर्मियों की कमी के कारण आरक्षण काउंटर से लेकर टिकट काउंटर तक बंद रहते हैं। चलिए बस सेवा का रुख करते हैं। झकरकटी बस अड्डे से वाल्वो, मिलेनियम और एसी बस सेवा है नहीं। अधिकतर साधारण बसें भी खटारा हो गयी हैं, क्योंकि रोडवेज घाटे में चल रहा है। स्थानीय यातायात की बात करें, तो सिटी बसें भी बंद हो चुकी हैं। आर्थिक तंगी के चलते उनका मेंटीनेंस नहीं हो पा रहा है। अब इस हाल में बड़ा सवाल है कि आखिर शहरवासी कैसे सुगम और सुविधाजनक सफर करें। शहर से सफर में यही सबसे बड़ा गतिरोध है। एक दशक पहले हवाई, रेल व बस यात्रियों के लिए जो सुविधाएं थीं वह भी धीरे धीरे खत्म होती जा रही हैं। 1शहर से रेलवे का सर्वाधिक प्रमुख दिल्ली-हावड़ा रूट गुजरता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 250 सवारी व 150 मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। ट्रैक पर इतना बोझ है कि नयी ट्रेनें चलाने की बात सोचना भी बेमानी है। लेकिन इसके बाद भी राजनीति और जनता के दबाव में न सिर्फ ट्रेनें, बल्कि तमाम ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाने पड़ रहे हैं। इसके चलते ट्रैक पर अक्सर ट्रेनों का जाम लगता है। दूसरी बड़ी दिक्कत चालकों की है. मालगाड़ी के चालक व गार्ड मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चला रहे हैं। सेंट्रल स्टेशन स्थित आरक्षण केंद्र पर काउंटर 15 हैं लेकिन बाबुओं की कमी से मात्र पांच काउंटर सिटी साइड में और एक कैंट साइड में चलता है। कैंट साइड में साधारण टिकट के 4 काउंटर और सिटी साइड में बने 10 काउंटरों में मात्र पांच से छह काउंटर ही चलते हैं, बाकी बंद रहते हैं।

safar

Advertisements