शहीदों को मनन करने उमड़ पड़ा पूरा कानपुर


हर आंख नम थी लेकिन दिलों में लावा सा पिघल रहा था। आक्रोश से भरी आंखें और फड़कती भुजाओं को देख साफ महसूस रहा था कि 18 परिवारों ने ही अपना लाल नहीं खोया है बल्कि पूरे देश ने अपने परिवार के सदस्य को खो दिया है। शायद यही वजह थी कि वतन की रक्षा में शहीद होने वाले इन सैनिकों को नमन करने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। ‘हिन्दुस्तान’ की पुकार पर मोतीझील के कारगिल पार्क से अमर जवान चौक के बीच का रास्ता अपने रणबांकुरों को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए पट गया।

देशहित में पैदा हुए हैं, देश पर मर जाएंगे, मरते-मरते देश को जिन्दा मगर कर जाएंगे, हमको पीसेगा फलक चक्की में कब तलक, खाक बनकर आंख में उसकी बसर हो जाएंगे…शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की इन पंक्तियों का एक-एक लफ्ज मोतीझील की फिजाओं में घुला हुआ था। कश्मीर के आतंकी हमले में अपने रणबांकुरों को खोने का गम हर चेहरे पर झलक रहा था। एक तरफ पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की आवाजें उठ रही थीं तो दूसरी तरफ अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जज्बातों का ज्वार फूट रहा था।

मंगलवार शाम सूरज ढलने से पहले ही मोतीझील कारगिल पार्क के बाहर की सड़क शहरवासियों से पट गई। अनुशासित भीड़ में न उम्र की बंदिशें थीं, न ही गरीब-अमीर की खाई और न ही दलगत राजनीति की दीवारें। सिर्फ एक धर्म था-राष्ट्रधर्म। सिर्फ एक प्रेम था-राष्ट्रप्रेम और सिर्फ एक आवाज थी-अवाम की आवाज।

‘हिन्दुस्तान’ की आवाज पर शहीदों को सलामी देने के लिए सभी एकजुट थे। अमर शहीदों का बलिदान-याद रखेेगा हिन्दुस्तान…जैसे गूंजते नारे रगों में जोश भर रहे थे। 82 वर्ष के सुखविन्दर सिंह भी इन नारों के ओज से खुद को रोक न सके और कांपते पैरों से अमर जवान चौक पहुंचकर शहीदों को सलामी दी। कोई व्हील चेयर पर बैठकर आया तो कोई अपने बेटों का सहारा लेकर।

कारगिल पार्क से जलती मोमबत्तियां लेकर हजारों का काफिला जब अमर जवान चौक की तरफ बढ़ा तो सड़क से गुजरते लोगों ने भी ठहरकर उन्हें भावुक नमन किया। पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से का इजहार करते युवाओं का कहना था कि दुश्मन भी सोते समय वार नहीं करता लेकिन पाकिस्तान ने तो दुश्मन धर्म को भी ईमानदारी से नहीं निभाया क्योंकि वह जानता है कि जागते शेरों का शिकार करने का मतलब है-मौत को दावत देना। युवाओं ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग भी की।

हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानी फौज से मोहब्बत का इजहार करती भीड़ में कारोबारी, व्यापारी, नेता, नौकरीपेशा, मजदूर, प्रशासन, प्रोफेशनल सभी वर्ग ने हिस्सा लिया। डीएम कौशलराज शर्मा, एसएसपी शलभ माथुर, शहर के सभी विधायक, गैर सरकारी संगठन, आईएम, इंटक, व्यापार मंडल और उद्योग संगठनों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

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