स्मार्ट सिटीज की तीसरी लिस्ट में कानपुर को मिली जगह


क्या आप जानते हैं ? स्मार्ट सिटी के मायने

“केंद्र सरकार ने स्मार्ट शहरों की दूसरी सूची में कानपुर के नाम का ऐलान कर हमें बड़ी सौगात दे दी। ऐसे में हमारे लिए जानना जरूरी है कि आखिरकार स्मार्ट सिटी में कानपुर के लिए क्या-क्या हो सकता है। अलग-अलग शहर और देश के हिसाब से इसकी परिभाषा बदलती रहती है। यूरोप में इसके मायने अलग तो भारत में अलग हैं। वैसे ही लोगों के बीच भी इसकी राय अलग-अलग रहती है। फिलहाल स्मार्ट सिटी में ये सारी चीजें होनी चाहिए। ऐसा शहर जहां की जलवायु शुद्ध हो, लोग खुली हवा में सांस ले सकें। जहां बिजली-पानी की सप्लाई 24 घंटे सुचारु हो। दिन भर लोगों को ट्रैफिक से न जूझना पड़े, सार्वजनिक यातायात उपलब्ध हो जो विश्वस्तरीय हो। इसके अलावा बुनियादी सुविधाएँ हों। सड़कें, इमारतें, शॉ¨पग माल, सिनेप्लेक्स सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से बने हों। झुग्गी-बस्तियों न हों। कुछ ऐसा शहर दिखे जहां लोगों के रहन-सहन में समानता दिखे। सड़कें एकदम साफ हों, कहीं पर भी कूड़ा न नजर आए। गुड गवर्नेस हो, विशेष कर ई-गवर्नेस औऱ लोगों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करना।”

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अपना शहर कानपुर के भी अब स्मार्ट बनने का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने स्मार्ट सिटीज की तीसरी लिस्ट का ऐलान किया, इसमें कानपुर भी शामिल है। लिस्ट कुल 27 नए शहरों नाम है। इस बार स्मार्ट सिटीज की दौड़ में 63 शहर शामिल थे। 12 राज्यों के 27 शहरों को स्मार्ट सिटीज की लिस्ट में जगह मिली है। यूपी के 3 शहरों को इस लिस्ट में जगह मिली है।

 

लिस्ट के 27 शहरों में महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा 5 शहरों को जगह मिली है। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक से 4- 4, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 2- 2, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, नागालैंड और सिक्किम से 1- 1 शहर को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। वेंकैया नायडू ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 60 शहरों पर 1,44,742 करोड़ रुपयों के निवेश का प्रस्ताव है

इंतजार कीजिए, बदल जाएगी सूरत:

smart4कानपुर:-दस माह की कोशिश के बाद आखिरकार मोदी सरकार ने कानपुर को मंगलवार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। ऐसे में अब यहां की तस्वीर बदलने का रास्ता खुल गया है। कानपुर के 2311.97 करोड़ रुपए के स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में आधी धनराशि केंद्र जबकि आधी राज्य सरकार को देनी होगी। मंज़ूर हुए प्रोजेक्ट में ग्वालटोली का इलाक़ा यानी वार्ड 4,13,15,59 और 76 में आने वाले मोहल्लों का कायाकल्प होगा। साथ ही कम्पनी बाग़ से नाना राव पार्क तक वीआईपी रोड पर गंगा किनारे इलाकों में कई तरह की सुविधाओं की झड़ी लग जाएगी।नगर निगम बीते नवम्बर से शहर को स्मार्ट सिटी चयनित के लिए कोशिश कर रहा था। दिसम्बर को दिए गए प्रोजेक्ट को पहले चरण में शहर को सफलता नहीं मिल पाई थी। यह प्रोजेक्ट मुम्बई की डार्क्‍स कम्पनी ने 17 लाख लेकर बनाया था। इसके बाद शहरी विकास मंत्रालय ने नगर निगम को छूट दी कि वह अपनी मनपसंद कम्पनी से स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट बनवाए, इसके लिए केन्द्र सरकार पूरा भुगतान करेगी। नगर निगम ने मुम्बई की ही दारा शॉव कम्पनी का इसके लिए चयन किया क्यों कि इसी कम्पनी के बनाए गए बेलगाम, सूरत और राँची के प्रोजेक्ट मंज़ूर हो चुके थे। कम्पनी के अधिकारियों ने तीन महीने तक शहर में रहकर ही प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया और मुख्य सचिव से मंजूरी के बीते 30 जून को शहरी मंत्रालय में पेश किया। इसका रिजल्ट 15 अगस्त को निकलना था पर कानपुर के बाशिन्दों को यह खुशी 20 सितम्बर को नसीब हुई।अब तक घोषित शहरों के नाम: कानपुर, चंडीगढ़, रायपुर, भागलपुर, इंफाल, पोर्ट ब्लेयर, पणजी, रांची, अगरतला, धर्मशाला, न्यू टाउन कोलकाता, फरीदाबाद, अमृतसर , लखनऊ, वारंगल, कल्याण डॉम्बिविली, उज्जैन, तिरुपति, नागपुर, मंगलुरू, वेल्लोर, ठाणो ग्वालियर, आगरा, नासिक, राउरकेला, मदुरई तुमाकुरू, कोटा, थांजावुर, नामची, जालंधर, शिवमोग्गा, सलेम, अजमेर, वाराणसी, कोहिमा, हुबली-धारवाड़, औरंगाबाद, वडोदरा।

smart5शहर के ध्वस्त ट्रैफिक सिस्टिम को ठीक करने के लिए 175 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जिसमें 74 चौराहों में चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक सिग्नल,सीसीटीवी के अलावा सुंदरीकरण किया जाएगा। परेड के बीपी श्रीवास्तव मार्केट में कौशल विकास सेंटर बनेगा। चुन्नीगंज में नगर निगम के वर्क शॉप में शहर का बिज़नेस हब बनाया जाएगा।कानपुर के स्मार्ट सिटी में चयन के बाद शहर में नए उद्यमियों (छोटे-बड़े) को नया उद्योग लगाने के लिए काफी आसानी हो जाएगी। सिंगल ¨वडो सिस्टम को नए सिरे से बनाया जाएगा और निगरानी समिति (स्पेशल परपज व्हीकल) की देखरेख में प्रोजेक्ट का सारा काम होगा। इसके लिए बिजनेस सेन्टर परेड में बीपी श्रीवास्तव मार्केट में बनाया जाएगा। निगरानी समिति के अध्यक्ष कमिश्नर और सीईओ नगर आयुक्त होंगे। प्रोजेक्ट में सम्पन्न, सचल, सतत, सक्रिय और स्वस्थ नाम से अलग-अलग योजनाएं बनाई गई हैं। इनके अलग पेज भी बने हैं। सम्पन्न में शहर में नए उद्योग के लिए बेहतर ढंग से काम करने के लिए उद्यमियों को अच्छा माहौल मिलेगा। सिंगल ¨वडो सिस्टम को नए स्वरूप में बनाया जाएगा। दो बिजनेस सेन्टर परेड के साथ चुन्नीगंज स्थित नगर निगम के वर्कशॉप में बनेंगे। इनमें कौशल विकास के साथ व्यापारिक गतिविधियों का भी प्लेटफार्म मुहैया कराया जाएगा। उद्यमियों के लिए बिजनेस सेन्टर के अलावा ई पाठशाला और डिजिटल लर्निग की सुविधा रखी जाएगी। सतत में सीवर, सफाई और कूड़ा उठान पर योजनाएं बनेंगी। स्वस्थ में एसटीपी और सीटीपी के अलावा प्रदूषण कम करने के जतन किए जाएंगे। साथ ही लोगों को शुद्ध पानी के लिए भी अलग इंतजाम होंगे।smart2

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