हैरान न हों, यह अपना कानपुर ही है।


हैरान न हों, यह अपना कानपुर ही है। दुनिया में भले ही इसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता हो पर अब इसके दिन बहुरेंगे।अपना शहर कानपुर के भी अब स्मार्ट बनने का रास्ता साफ हो गया है।स्मार्ट सिटी में कानपुर को लाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। उद्योगों की नगरी हर बाद आबादी और सुविधा के चक्कर में पिछड़ जाती थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी के सांसद बनने के बाद से ही कानपुर का नाम स्मार्ट सिटी में आना लगभग तय हो गया था। उन्होंने कई बार इस सबंध में नगर विकास विभाग से बातचीत करके स्मार्ट सिटी में कानपुर का नाम लाने का प्रयास किया। उन्होंने कानपुर की समस्याओं को प्रमुखता के साथ हल कराने का लगातार प्रयास किया।

इंतजार कीजिए, बदल जाएगी सूरत:

  1. 198-करोड़ रुपए हर साल कानपुर को सरकार की ओर से दिए जाएंगे विकास कार्यो के लिए
  2. 175-करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे स्मार्ट सिटी के तहत ट्रैफिक सिस्टम सुधारने को

  3. 074-शहर के प्रमुख चौराहों का पहले चरण में किया जाएगा आधुनिकीकरण व सुन्दरीकरण

  4. 017- सरकारी विभागों के साथ निजी संस्थानों से भी करार करेगा नगर निगम विकास के लिए
  5. 012- जिम बनाने का भी प्रावधान किया गया है चयन किए गए ग्वालटोली इलाके में

एक्सपर्ट कमेंट:

खुशखबरी को चुनौती के रूप में लेंगे। वैसे भी विकास को अरबों की परियोजनाएं चल रही हैं जो स्मार्ट सिटी बनाने में सहायक होंगी। कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट माइल स्टोन बनेगा। धन मिलने के बाद शहर बहुत आगे की राह तय कर लेगा। – मोहम्मद इफ्तेखारुद्दीन, मंडलायुक्त

स्मार्ट सिटी का सबसे बड़ा प्वाइंट स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम होता है और इसकी सबसे बड़ी पहल मेट्रो रेल परियोजना के शुभारंभ से होने जा रही है। इस ट्रांसपोर्ट सिस्टम से कानपुर की दिशा और दशा ही बदल जाएगी। पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम शुरू हो चुका है। अच्छी बात है कि स्मार्ट सिटी के मद में धन मिलने से कई और काम हो जाएंगे। – आशीष शिव पुरी, चीफ़ टाउन प्लानर

शहर का नाम स्मार्ट सिटी में आना बड़े ही गौरव की बात है। केंद्र सरकार के प्रयासों से कानपुर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। हालांकि अभी भी मंज़िल काफी दूर है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह शहर को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी दर्ज कराए। सब एक होकर काम करेंगे तो कोई भी चीज मुश्किल नहीं हो सकती है, तभी कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाया जा सकेगा। अब किसी भी हालत में पीछे मुड़कर नहीं देखना है।-महापौर जगत वीर सिंह द्रोण

जो सपना देखा गया था। वह आज सच हो गया है। इसमें प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण योगदान है। सपा सरकार ने विकास की गंगा बहाई है। इसके लिए सरकार ने कभी भी पैसे का मुंह नहीं देखा। लगातार विकास हो रहा है। –हाजी सुहेल अहमद, नेता सपा पार्षद दल

लंबी प्रतिस्पर्धा के बीच शहर का नाम स्मार्ट सिटी में आना बड़ी बात है। नगर निगम ने काफी मेहनत की है। अंतिम समय में कई प्रपोजल बदले गए। इसका कानपुर को काफी फायदा हुआ है। गंगा बैराज से लेकर अन्य इलाके भी लिए गए हैं। – उमेश प्रताप सिंह, नगर आयुक्त

जनता बधाई की पात्र है। यह हर्ष का विषय है। सरकार बधाई की पात्र तब होगी, जब कुछ धरातल में दिखने लगे। अभी तक स्मार्ट सिटी के नाम पर छलावा ही हो रहा है। कागजों में ही स्मार्ट सिटी दिख रहा है। अब दिखाना होगा। –अशोक तिवारी, नेता कांग्रेस पार्षद दल

स्मार्ट सिटी में शहर का नाम आने में सांसद मुरली मनोहर जोशी का बड़ा योगदान है। यूपी सरकार ने जो वादे पूरे नहीं किए, वह अब संपूर्ण विकास कराकर पूरे किए जाएंगे। कानपुर का नाम आने से शहर का कद बढ़ गया है। –सत्येंद्र मिश्र, नेता भाजपा पार्षद दल

 

 

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