शहर में झमाझम बारिश की चिंता छोड़ कई जगह हुआ रामलीला का मंचन

कानपुर ,द्वापर युग में इंद्र के कोप से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठा लिया। आखिर में इंद्र का कोप समाप्त हुआ। बारिश के आगे गोकुल वासियों की पराजय नहीं हुई। कुछ उस अंदाज में ही बुधवार को आस्था की छतरी के आगे इंद्रदेव शांत हो गए। झमाझम बारिश भी लीला का मंचन नहीं रोक पाई। परेड रामलीला मैदान में आयोजकों और उनके परिवारों ने लीला मंच के करीब बैठकर मंचन देखा। जूही में बारिश की बाधा की परवाह किए बिना मंचन शुरू किया गया। शाीनगर पार्क में बारिश की फुहार के बीच ही मंचन शुरू हुआ।बुधवार की शाम ढलने के बाद ही बिजली तड़कने लगी। रात 8 बजे के बाद लीला के मंचन के समय बारिश तेज हो गई। लीला मैदान में पानी भर गया। पांडाल चूने लगा। वॉटर प्रूफ पंडाल के मंच होने से कई लीला स्थलों में मंचन किया गया। परेड रामलीला में शोभा यात्र के पहुंचने के बाद ही बारिश शुरू हुई। बारिश में कई दर्शक भी पहुंचे। आयोजकों ने लीला का मंचन का क्रम जारी रखा। कैकेयी कोप भवन, राम वनगमन लीला का मंचन किया गया।

परेड रामलीला मैदान में आयोजकों और उनके परिवारों ने देखा मंचन

परेड रामलीला मैदान में आयोजकों और उनके परिवारों ने देखा मंचन

यहां पर आयोजकों ने मंच पर बैठकर लीला का आनंद लिया।श्रीजंगलेश्वर रामलीला कमेटी के बैनर तले जूही रामलीला मैदान में राम आरती के साथ लीला का मंचन किया गया। आयोजक महेंद्र तिवारी ने बताया कि लीला का मंचन रोका का क्रम रुकने नहीं दिया गया। मैदान में पानी भरने के बावजूद लीला का मंचन किया गया। शाीनगर लीला स्थली में भी पानी भर गया। आयोजकों ने बारिश की धार कम होने का इंतजार किया और लीला का मंचन शुरू किया। भजन के बाद लीला की रस्म अदायगी की गई। आयोजक मिस्टर बाबू त्रिपाठी, अनिल कुमार ने बताया कि बारिश के बावजूद लीला का मंचन की परंपरा निभाई गईं। तेज बारिश होने से लीला को विश्रम दिया गया। परेड, जूही और शाीनगर समेत शहर के कई लीला स्थली पर पात्रों ने लीला का मनमोहक मंचन किया।रावतपुर स्थित श्रीरामलला मंदिर में गणोश पूजन से लीला शुरुआत हुई। रामजन्मोत्सव लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर चंद्र कुमार गंगवानी, राजनारायण दीक्षित, रोहित सिंह चंदेल, सुरेश पाल, धर्मेद्र सिंह आदि मौजूद रहे। मंधना, बिठूर, कल्याणपुर समेत कई स्थानों पर लीला की रस्म अदायगी की गई।मेला सिमटा, झूले खड़े हो गए: रामलीला की धूम मचने के साथ मेला की रौनक भी बढ़ गई है। ज्यादातर रामलीला मैदानों में झूले, चाट-पकौड़ी व अन्य स्टॉल लगे हैं। बारिश से मेला के स्टॉल बंद हो गए। करंट फैलने के डर से बिजली बंद कर दी गई। शाीनगर सेंटर पार्क मैदान में आकर्षक मेला लगा है। यहां पर जादू, सर्कस भी आकर्षण का केंद्र है। बुधवार की शाम तक बच्चों ने झूलों का आनंद उठाया। बारिश शुरु होते ही झूले बंद हो गए। बारिश की तेजी बढ़ने के साथ मेला सिमट गया।

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