कानपुर। 500 और 1000 की नोटबंदी से कारोबारी नगरी,बाजारों को 2300 करोड़ रुपए की चोट

कानपुर। 500 और 1000 की नोटबंदी से कारोबारी नगरी को तगड़ा झटका लगा है। छह दिन में बाजारों को 2300 करोड़ रुपए की चोट लगी है। ग्राहक बाजारों में खरीद-फरोख्त के बजाय बैंकों में लाइन लगाए हुए हैं। हालात ये हैं कि रेडीमेड, मशीनरी, बजाजा, किराना, खुदरा, वाहन समेत सभी बाजार सन्नाटे में हैं। सहालग में कई ज्वैलर्स दुकानों का शटर तक नहीं उठा रहे हैं। किराना बाजार में कारोबारी एक ही गद्दी पर बैठकर गप्प लड़ाकर दिन गुजार रहे हैं। कपड़ा बाजार में कर्मचारी सन्नाटे में हैं। सैकड़ों क्विंटल सरिया और लोहा बेचने वाले हालसी रोड के कारोबारी बोहनी के लिए तरस रहे हैं। वहीं, लाटूश रोड में भी कारोबार ठप है।

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हाउस और वाटर टैक्स में जमा हुए 11 करोड़

कानपुर प्रमुख संवाददाता नोटबंदी से सबसे ज्यादा फायदा जलकल और नगर निगम को हुआ है। कुछ महीनों में आने वाला सीवर-वॉटर और हाउस टैक्स चार दिनों में करीब 11 करोड़ जमा हो गया है। हालांकि अभी भी करोड़ों का टैक्स बकाया है पर टैक्स जमा करने में बंद नोटों के चलने से जलकल और नगर निगम को तीन महीने का राजस्व चार दिन में मिल गया है। जलकल विभाग का सीवर-वॉटर टैक्स मद का लगभग ढाई लाख कनेक्शनधारियों पर 50 करोड़ से ऊपर बकाया है, लेकिन सीवर-वॉटर टैक्स की वसूली एक महीने में बमुश्किल दो करोड़ ही हो पाती है। नौ नवम्बर से अब तक चार दिनों में जलकल को 5.8 करोड़ टैक्स के जमा हो चुके हैं। यह लक्षय़ विभाग तीन महीने में पूरा कर पाता था। इसी तरह नगर निगम के सभी 6 जोनों में 18 करोड़ हाउस टैक्स वसूली का लक्षय़ है पर वह कभी भी पूरा नहीं हो पाता है पर कुछ दिनों में नगर निगम को हाउस टैक्स के 5 करोड़ मिल गए हैं।

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