कानपुर की मदद को कभी न भूल पाएंगे…..

ट्रेन हादसे के बारे में बताते धर्मेद्र चंदेल।

99992716864ट्रेन हादसे का मंजर अभी भी दिल में दहशत बनकर डरा रहा है। एक हादसे ने परिवार को किस हालात में पहुंचा दिया। इंदौर निवासी कारोबारी धर्मेन्द्र चंदेल अपना दर्द बयां करते-करते रुआंसे हो गए। बोले, परिवार के साथ इंदौर-पटना एक्सप्रेस से जा रहा था। दस सेकेण्ड में मानो सबकुछ हिल गया। हादसे के 15 मिनट बाद उठा तो देखा एक घायल फटी खिड़की के पास तड़प रहा है। उनके हाथों में दो मोबाइल थे। एक मोबाइल लिया और उसकी टॉर्च जलाकर पहले तो प}ी मीरा को निकाला, फिर बेटी आकांक्षा को निकाला। बेटा नहीं मिला तो होश उड़ गए। अनिकेत बेटा कहकर कई बार आवाज दी तो बगल में ही पापा की आवाज आई लेकिन फिर भी उसे ढूंढ नहीं पाया और बेहोश हो गया। फिर अपने को हैलट इमरजेंसी में पाया। सबसे पहले घायलों में मैं इमरजेंसी में आया था।धर्मेन्द ने बताया कि आकांक्षा और अनिकेत आईसीयू में भर्ती हैं। भगवान का लाख-लाख शुक्रिया कि पूरे परिवार को बचा लिया। देवास में भागलपुर से 1991 में गया था। साल में एक बार घर जाते थे लेकिन इस बार हम सभी घायल हो गए लेकिन कैसे पूरा परिवार बच गया , यह अभी भी भूलता नहीं है क्यों कि मेरी बोगी के ज्यादातर लोग उसी समय दम तोड़ चुके थे। शायद भगवान ने लोगों की मदद के चलते बचा लिया वरना हम लोगों की अलग-बगल की बर्थ में लेटे यात्री अब नहीं हैं। मेरे परिवार पर जाको राखे साइयां, मार सके न कोय की कहावत सच साबित हुई है। धर्मेन्द्र हैलट के डॉक्टरों और कानपुर की जनता की मदद को भी भूल नहीं पा रहे हैं। वे कहते हैं कि कानपुर जिंदा शहर है। मदद की जो मिसाल कायम की उसे इंदौर में बताएंगे।

पुलिस कर्मियों का जज्बा देख दी जा रही गुड इंट्री

अमूमन हिकारत की नजरें ङोलनी वाली खाकी के लिए लोगों को नजरों में सम्मान है। पुखरायां ट्रेन हादसे में मौत के शिकार हुए या घायल यात्री न जाने कहां-कहां के थे। इनसे कोई रिश्ता-नाता नहीं था। तब ग्रामीणों के दिल में उनके लिए भावनाएं थीं, तो इंसानियत का रिश्ता पुलिसकर्मियों ने भी उसी तरह निभाया कि उनकी मेहनत, जज्बे और भावनाओं के लिए हाथ सलाम को उठने लगें। हौसलाअफजाई को फिलहाल पुलिस महकमा तो आगे आ ही गया है। सभी पुलिसकर्मियों को गुड इंट्री दी जा रही है।डीआईजी राजेश डी मोदक ने सभी पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देने को कहा है। साथ ही कानपुर एसएसपी आकाश कुलहरि और देहात एसपी प्रभाकर चौधरी को सूचना मिलते ही घायलों के इलाज, मृतकों की शिनाख्त, अस्पतालों में इलाज और मौके पर सर्तकता बरतने के लिए प्रशस्ति पत्र देने को कहा है। उन्होंने बताया कि इस भयावह और परीक्षा की घड़ी में पुलिस और प्रशासन ने धैर्य और संयम का परिचय देते हुए अपने फर्ज को बखूबी निभाया। घटना स्थल हो या अस्पताल। 1घायलों को समय से अस्पताल पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किए। मौके पर माहौल न खराब हो इसके लिए पूरे पुलिस-प्रशासन ने इंतजामात किए थे। घटना की सूचना मिलते की कानपुर देहात पुलिस मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया। वहीं कानपुर नगर की टीम भी मौके और अस्पतालों में पहुंच गई। बोगी में फंसे एक बुजुर्ग को जूस पिलाकर कर उसे हौसला बंधाना हो या मौके पर मिले जेवर व नकदी समेत घायलों के सामान की सुरक्षा की।इसका ही नतीजा है कि हर बार दुर्घटना के बाद लूटमार की बात सामने नहीं आई। डीआईजी मोदक ने बताया कि पुलिस कर्मियों के इस प्रयास के लिए रेल हादसे में तैनात किए गए सभी पुलिस कर्मियों को गुड इंट्री दी जा रही है।

हादसे में मृत लोगों के लिए कैंडिल मार्च

 कानपुर दक्षिण। रेल हादसे में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिये मंगलवार रात ब्राह्मण युवजन सभा ने शाी चौक से कैंडिल मार्च निकाला। आस-पास के मोहल्लों से होते हुए मार्च वापस शाी चौक पर समाप्त हुआ। यहां दो मिनट का मौन रख हादसे में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
हैलट में भर्ती रेल हादसे के घायल व उनके परिजनों को राहत देने वाले सामाजिक संगठनों का कारवां चौथे दिन भी नहीं थमा। बुधवार को आरएसएस के कार्यकर्ता खाकी वर्दी में घायल व परिजनों को राहत देने में डटे रहे। नागरिक सुरक्षा कोर के कैडेट्स ने भी उनका साथ निभाया। सामाजिक संगठनों ने सुबह से रात तक चाय, नाश्ता, पानी के पाउच, लंच पैकेट व कपड़े बांटे। शाम को खिचड़ी खानों वालों की लंबी लाइन लग गयी थी। रेल हादसे के घायल यात्री इमरजेंसी व वार्ड नंबर 1-2 व 3-4 में भर्ती हैं। शासन प्रशासन के अलावा इनका ख्याल आरएसएस, नागरिक सुरक्षा कोर व सामाजिक संगठन भी कर रहे हैं। घायलों व उनके परिजनों की जरुरतों को पूरा कर रहे हैं। जमीयत उलेमा हिंद ने बुधवार को भी इमरजेंसी के बाहर पानी के पाउच बांटे। पेसेंट्स हेल्थ केयर सोसायटी ने खिचड़ी का वितरण किया। एल एस इंटरप्राइजेज ने घायलों के पास जाकर लंच पैकेट के साथ पानी के पाउच बांटे। गायत्री परिवार ने भी खाद्य सामग्री का वितरण किया। भावना सोसाइटी फार डिसेबल्ड की टीम ने कपड़े व खाने पीने की चीजें बांटी। चौथे दिन भी यहां आरएसएस के कार्यकर्ता व नागरिक सुरक्षा कोर की टीम घायल व परिजनों की मदद के लिए डटी रही। पूरे दिन विभिन्न संगठनों द्वारा घायलों को राहत पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा।

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मदद के लिए व्यापारियों ने बढ़ाए हाथ

 कानपुर। रेल हादसे में घायलों की मदद के लिए उद्यमी और व्यापारिक संगठनों ने घायलों की पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है। यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), को आपरेटिव स्टेट, पीआईए समेत अन्य संगठनों ने घायलों की मदद के लिए आगे हाथ बढ़ाए हैं। गडरियनपुरवा ऑटो मोबाइल मार्केट के महामंत्री अजीत सिंह भाटिया ने बताया कि उन्होंने सोमवार और मंगलवार को करीब दो हजार लंच बॉक्स मरीजों और तीमारदारों की बांटे हैं। इसी तरह परेड व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने व्यापारियों के साथ रेल हादसे में मारे गए लोगो क ो श्रद्धांजलि दी। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक सेवा परिषद के अरुण त्रिपाठी ने बताया कि घायलों की मदद के लिए तीमारदारों के लिए जलपान का स्टाल लगाया गया। इस मौक पर सोने रेकी, सुनील गुप्ता, प्रशांत पुरी, राममूर्ति, महेश त्रिपाठी आदि रहे।

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