पुखरायां : फंसी गर्दन बचाने में जुटे रेलवे अफसर


99992716849पुखरायां रेल हादसे की सीआरएस जांच दूसरे दिन भी जारी रही। मेकैनिकल (कोच) और इंजीनियरिंग विभाग के अफसर फंसी गर्दन बचाने में जुटे रहे। मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या ने बुधवार को फिर इंदौर-पटना एक्सप्रेस के चालक जलज शर्मा, सहायक चालक उमेश याद, गार्ड अजय श्रीवास्तव और मुख्य लोको निरीक्षक पीडी यादव समेत 13 से पूछताछ की। तीन दिन की जांच में 111 रेल कर्मचारियों, अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए।आलम यह रहा कि मेकैनिकल (कोच) और इंजीनियरिंग (ट्रैक) अनुभाग के अधिकारी अपनी बला एक-दूसरे के सिर पर मढ़ रहे हैं। बुधवार को मैकेनिकल और परिचालन स्टाफ से पूछताछ के बाद सीआरएस ने ट्रैक पार्टस का परीक्षण कराया। फसरों ने बताया कि चालक ने फिर अपना बयान दोहराया है, साथ ही कोच लहराने की बात फिर कही। पुखरायां के डिप्टी एसएस डीके सचान ने कहा कि 17 मिनट पहले चली साबरमती एक्सप्रेस के बाद इंदौर-पटना थ्रू पास हुई। इस दौरान कोच के चक्कों या फिर अन्य उपकरणों से कोई खामी नहीं दिखी। सीआरएस ने पूछा कि झांसी में ट्रेन किसने अटेंड की तो वहां के इंजीनियरिंग अधिकारियों ने जवाब दिया हमे कोई जानकारी नहीं है। गुरुवार को इंदौर और भोपाल से बुलाए गए सीएनडब्ल्यू स्टाफ के बयान होंगे। मुख्य संरक्षा आयुक्त ने दुर्घटनास्थल पर टूटे पड़े रेल ट्रैक का टुकड़ा, जॉगल प्लेट, पेंडल क्लिप का दोबारा परीक्षण कराया। न्यायिक जांच भी संभव दो दिनों से पुखरायां रेल हादसे की जांच कर मुख्य संरक्षा आयुक्त और रेलवे अफसरों की टीम कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस कारण पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी कराई जा सकती है। इस बात को दबी जुबान रेलवे अफसरों ने स्वीकार भी किया।

पुखरायां रेल हादसे में मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या की जांच में घटनास्थल के आसपास गांवों की जनता के साथ ही आम यात्रियों से भी अपील की थी कि उन्हें घटना के बारे में कुछ भी जानकारी है तो वे सीधे जांचस्थल पर आकर लिखित या मौखक बयान दे सकते हैं। दो दिन की जांच में एक भी आम आदमी ने सीआरएस को इस संबंध में बयान नहीं दिया। हादसे में 150 लोगों की मौत हो चुकी है। अहम बात यह है कि सीआरएस जांच में रेलवे अफसरों ने आम जनता से बयान देने की अपील की थी पर एक भी व्यक्ति बयान दर्ज कराने को नहीं पहुंचा। सीपीआरओ विजय कुमार ने बताया कि आम आदमी जानकारी देने को नहीं हाजिर हुआ है।

मुख्य संरक्षा आयुक्त ने हादसे की जांच में अफसरों व कर्मचारियों से तो बयान लिए ही, साथ ही हिन्दुस्तान सहित कई समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों को बुला उनसे मुलाकात की। कहा कि वे लोग भी जांच में कुछ सहयोग करें। इसके अलावा आईआईटी विशेषज्ञों, फोरेंसिक जांच और अन्य लोगों से भी सहयोग मांगा।

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