रिजर्व बैंक का खजाना हो गया खाली बैंक अधिकारी परेशान


16 दिन बीत चुके हैं लेकिन शहर में 20 से 25 प्रतिशत ही एटीएम अपडेट हो पाए हैं, जो एटीएम चल भी रहे हैं उसमें पर्याप्त मात्रा में करेंसी भी उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। करेंसी उपलब्ध न होने के कारण यह एटीएम दिनभर नहीं चल पाते हैं। दो से तीन घंटे में शटर गिर जाता है। शहर में राष्ट्रीयकृत पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक के अधिक संख्या में एटीएम लगे हैं। इस बाबत बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम व एजीएम से जानकारी लेनी चाहिए तो दो से तीन बार रिंग करने बाद भी उनका मोबाइल फोन नहीं उठा।

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15 तक लिये जाएंगे पुराने नोट बंद नोटों के नाम पर कुछ एजेंसियां कर रहीं थी खेल
shivala-kanpurकानपुर। इधर तीन से चार दिन के बीच बैंक शाखाओं में खाताधारक पुराने नोटों को जमा कर रहा है। जाली नोटों को खपाने में कुछ लोग सक्रिय हो गये हैं। पिछले दो दिन में कुछ शाखाओं में पांच सौ व एक हजार के जाली नोट भी कैशियर के हाथों में लगे हैं। कानून तो यही है कि जो भी व्यक्ति जाली नोट के साथ पकड़ा जाए और उसके खिलाफ पुलिस में सूचना भी दी जानी चाहिए। मौजूदा समय में माहौल को देखते हुए शाखा प्रबंधक ने नोट को जला दिया लेकिन किसी व्यक्ति के साथ कार्यवाही से बचे। माना यह जा रहा है कि अब बैंक में काफी संख्या में जाली नोट आ सकते हैं इसके लिए बैंक कर्मचारी सर्तक हो गये हैं।जेबकतरों से रहें सावधानकानपुर। बैंक शाखाओं में पुराने करेसी बदलने के लिए सावधान रहें। क्योंकि लाइन में जेब कतरे भी लगकर अपना निशाना बनाने में नहीं चूकेंगे। गुरुवार को बिरहाना रोड की दो बैंक की शाखा और चमनगंज में एक शाखा में जेब कतरे पुराने नोट ले उड़े। जानकारी के मुताबिक चार से पांच लोगों के पुराने नोट जेब कतरे ले गये।

नोट बदलने के दौरान आ रहे नकली नोट, बैंक कर्मचारी नहीं दर्ज करा रहे हैं मुकदमा

कानपुर। दस नवम्बर से राष्ट्रीयकृत व प्राइवेट बैंकों में पुराने नोट एक्सचेंज किया जा रहा है। पहले नोट एक्सचेंज चार हजार से शुरू हुआ और दो दिन के बाद साढ़े चार हजार किया गया। पुराने नोट एक्सचेंज में लंबी कतार दिखी। लेकिन बाद में राशि घटाकर दो हजार के नोट एक्सचेंज निर्धारित करने पर बैंक शाखाओं में कतार कम हुई। 24 नवम्बर तक पेट्रोल पम्प, गैस, हास्पिटल व अन्य कुछ जगह पर पुराने नोट लिये जाने का आदेश था। लेकिन बैंकों में रिजर्व बैंक ने नोट एक्सचेंज बंद करने का आदेश नहीं भेजा है।
पांच सौ और एक हजार के नोट गैस एजेन्सियों में लिये जायेंगे। यह जानकारी कानपुर एलपीजी वितरक संघ ने महामंत्री भारतीश मिश्र ने दी। कुछ गैस एजेन्सियों ने पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं लेने की आदत बना रखी थी। फुटकर पैसे लेकर करेन्सी बदलने का खेल चला रहे थे और उपभोक्ता फुटकर नोट नहीं होने पर सिलेण्डर से वंचित हो रहे थे।

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ऐसा ही एक मामला बुधवार को गांधी नगर का आया था। जहां वृद्ध महिला के पास पांच सौ रुपये का नोट होने के कारण गर्ग एजेन्सी के सेल्समैन ने सिलेण्डर देने के मना कर दिया था। मामला एजेन्सी मालिक तक पहुंचा तो उन्होंने पांच सौ रुपये का नोट लेने से इंकार कर दिया । क्षेत्रीय पेट्रोलियम इंस्पेक्टर तक मामला पहुंचा तो उन्होंने कहा कि पांच सौ रुपये नोट स्वीकार किया जा रहा है। बुधवार की शाम को गैस एजेन्सी मालिक से पांच सौ रुपये का नोट नहीं लेने की वजह पूछी गयी तो उन्होंने कहा कि स्पष्ट गाइड लाइन नहीं होने के कारण ही नोट स्वीकार नहीं कर रहे है। इस संबंध में एलपीजी वितरक संघ के महामंत्री भारतीय मिश्र ने कहा कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट गैस एजेन्सियों द्वारा स्वीकार करने का पेट्रोलियम मंत्रालय का आदेश है। इसलिए सभी वितरक पांच सौ और एक हजार के नोट लेने के लिए बाध्य है।
रिजर्व बैंक में दो हजार की नयी करेंसी का चेस्ट खाली हो चुका है जिसका खामियाजा बैंक अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है। तीन दिन से बैंक शाखाओं में नयी करेंसी की किल्लत चल रही है जिससे पुरानी करेंसी के नोट एक्सचेंज में बाधा उत्पन्न हो रही है। वहीं खाताधारक अपने खाते में पैसा तो जमा कर रहा है लेकिन उसको निर्धारित मात्रा में धन की निकासी नहीं हो पा रही है। नोट एक्सचेंज और खाताधारकों को पैसा न मिलने पर गुरुवार को कई शाखाओं में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पांच सौ व एक हजार के नोट प्रचलन में बंद होने के बाद से लोगों को नयी करेंसी प्राप्त करने के लिए लम्बी कतार में खड़ा होना पड़ रहा है।

16 दिन बीतने के बाद भी बैंकों में पर्याप्त मात्रा में करेंसी नहीं पहुंच पा रही है। इस बाबत राष्ट्रीयकृत बैंक के डीजीएम व एजीएम ने रिजर्व बैंक के अधिकारियों से प्रतिदिन हो रही शाखाओं की गतिविधियों को भी अवगत भी कराया है। बैंक अधिकारियों का कहना था कि तीन दिन से दो हजार के नोट एक्सचेंज कुछ शाखा में नहीं पुहंच रहे है। सुबह पांच बजे से लोग बैंक शाखाओं के बाहर लाइन में लगते हैं। लेकिन बैंक के खुलने पर उन्हें जब जानकारी दी जाती है कि करेंसी न होने की वजह से एक्सचेंज नहीं हो पाएगा तो पब्लिक उग्र हो जाती है। यही नहीं खाताधारकों को सप्ताह में 24 हजार रुपये की नयी करेंसी भी नहीं उपलब्ध करायी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक के अधिकारियों को इस बात का एहसास तो है लेकिन नागपुर से पर्याप्त मात्रा में करेंसी नहीं उपलब्ध होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। माना यह जा रहा है कि सोमवार से रिजर्व बैंक में पर्याप्त मात्रा में करेंसी उपलब्ध होने की बात कही गयी है। राष्ट्रीयकृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की शहर में अन्य बैंकों की तुलना में सबसे अधिक शाखाएं हैं। यहां तक इनके एटीएम भी सबसे अधिक हैं। इन तीन बैंकों की शाखाओं में खाताधारकों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पुराने नोट जमा करने के बाद धन की निकाषी में पर्याप्त मात्रा में भुगतान नहीं हो पा रहा है।

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