सिनेमाहॉलों में बजी ’जन गण मन’ की धुन और फिर…


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कानपुर के 13 सिनमाहॉल और चारों मॉलों समेत 13 स्क्रीनों में गुरूवार को पहले शो के शुरू होने से पहले 52 सेकेंड का राष्ट्रगान बजाया गया।

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विनोद निगम.
कानपुर. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कानपुर के 13 सिनमाहॉल और चारों मॉलों समेत 13 स्क्रीनों में गुरूवार को पहले शो के शुरू होने से पहले 52 सेकेंड का राष्ट्रगान बजाया गया। इस दौरान रेव मोती और जेड स्कवायर में सुबह 9.30 पर मुवी शुरू होने से पहले जीएम ने दर्शकों से राष्ट्रगान पर खड़े होने के लिए कहा। मॉल के सभी गेट बंद कर मौजूद सभी दर्शक व कर्मचारी राष्ट्रगान बजते ही खड़े हो गए। मॉल में मूवी ‘फोर्स टू’ देखने के लिए चमनगंज निवासी डॉक्टर अजहर अंसारी ने कहा कि कोर्ट का आदेश काबिले तारीख है, इससे लोगों को अपने देश के प्रति अच्छा संदेश जाएगा। कहा, राष्ट्रीय गान राष्ट्रीय पहचान, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक देशभक्ति से जुड़ा है।
दरअसल, श्याम नारायण चौकसे की याचिका के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय गान, यानी ’जन गण मन’ से जुड़े एक अहम आदेश में बुधवार को कहा कि देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रीय गान ज़रूर बजेगा । सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गान बजते समय सिनेमाहॉल के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा और सिनेमाघर में मौजूद सभी लोगों को राष्ट्रीय गान के सम्मान में खड़ा होना होगा।
हां दिखी आजादी की झलक
देवकी टॉकीज में पहली बार मूवी देखने के लिए काकादेव निवासी विपिन खरे पहुंचे। मुवी देखने के बाद जब वह बाहर आए तो उनसे हॉल में राष्ट्रगान बजाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मुझे जानकारी नहीं थी, लेकिन मूवी शुरू होने से पहले हॉल के मैनेजर आए और सभी को राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने की अपील की। जन-गण-मन बजते ही सारे दर्शक खड़े हो गए। विपन के मुताबिक 40 साल की उम्र में पहली बार मुझे आज आजादी का एहसास हुआ। कोर्ट का निर्णस बहुत अच्छा आया है। इससे नवयुवकों को खास फाएदा मिलेगा।
1962 में टॉकीजों में बजाया गया था राष्ट्रगान
पूर्व कुलपति द्वारका प्रसाद मिश्र निवासी जबलपुर ने 1962 में सभी सिनेमाहॉलों राष्ट्रगान बजाने के निर्देश दिए थे। वे कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में थे और पंडित जवाहरलाल नेहरू से भी उनकी नजदीकी थी। उन्हीं दिनों में भारत-चीन युद्ध हुआ, तब इंदिरा गांधी की अध्यक्षता में चीन हमले के विरुद्ध केंद्रीय नागरिक परिषद बनाई गई। द्वारका प्रसाद मिश्र को जनसंपर्क समिति का अध्यक्ष बनाया गया। मिश्र की सलाह पर सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाने का चलन शुरू किया गया था।
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