गंगापुल पर ट्रैक की मरम्मत के बाद आवागमन शुरू

%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae27 दिन बाद लखनऊ रूट की 62 ट्रेनें बहाल

कानपुर गंगा पुल का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग की बाधा दूर हो गई। पुल से रेल का आवागमन मंगलवार से शुरू हो गया। सोमवार को परीक्षण के बाद 62 ट्रेनों का डायवर्जन रद कर दिया गया। अब सभी ट्रेनें पुल से होकर जाएंगी। निरस्त चल रहीं सभी मेमू भी दौड़ेंगी।लखनऊ रेलवे मंडल ने गंगा पुल पर ट्रैक मरम्मत के लिए 27 दिन का ब्लॉक लिया था। रेलवे ने तीन शिफ्टों में लगातार काम कर तय समय से एक दिन पहले ही ट्रैक मेंटीनेंस पूरा कर लिया। सोमवार को दोपहर इंजन, फिर मालगाड़ी और गरीब रथ एक्सप्रेस पास कराकर ट्रैक की जांच की गई। परीक्षण सही होने और आला अफसरों की हरीझंडी के बाद लखनऊ मंडल ने मंगलवार की सुबह से कानपुर-लखनऊ रेल ट्रैक के बजाय दूसरे रूटों से जाने वाली सभी 62 ट्रेनें बहाल कर दीं। नई व्यवस्था के तहत रूट शुरू हो गया।एक दिन पहले पूरा हो गया काम:रेलवे ने गंगा पुल पर टर्फ और गर्डर बदलने के लिए 11 नवंबर से सात दिसंबर तक कुल 27 दिन का ब्लाक लिया था। कुछ जरूरी ट्रेनें ही इस ट्रैक से पास हो रहीं थी। दो दिन पहले पांच दिसंबर दोपहर के वक्त ही पुल मेंटीनेंस का काम पूरा कर लिया गया। रूट डायवर्जन निरस्त करने के आदेश में सोमवार दोपहर 2:55 से ट्रेन निकालने का उल्लेख किया गया है। इस आदेश में मंगलवार से सभी ट्रेनें बहाल होने का आदेश दिया। चार जोड़ा कानपुर-लखनऊ की मेमू ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी।20 की चाल से निकली ट्रेन : गंगा पुल से पहली ट्रेन गरीब रथ एक्सप्रेस 20 किमी प्रति घंटा की चाल से निकाली गई। पुल पर टर्फ, स्लीपर, नई रेल लाइन बदलने का काम किया गया। कानपुर-लखनऊ का मुख्य रेलमार्ग का हिस्सा होने से काम तेजी से किया गया। 11 व 12 नवंबर न हो पाने से 13 नवंबर को तीन शिफ्ट में 24 घंटे काम किया गया।

मंगलवार को गंगापुल पर ट्रैक खुलने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया।

99992766473कानपुर। कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर गंगा पुल की मरम्मत के बाद ट्रेनों का संचालन एक दिन पहले ही शुरू हो जाने से यात्रियों को पता ही नहीं चला। डायवर्ट की गइर्ं ट्रेनों पर यात्री कम पहुंचे। मार्ग पर ब्लॉक लेते समय 7 दिसंबर को डायवर्ट ट्रेनों को फिर से चलाने का लक्ष्य रखा गया था। कोहरे की मार झेल रहे सेंट्रल स्टेशन पर 62 ट्रेनों का लोड और बढ़ गया। इससे लेटलतीफी और बढ़ना तय है। लखनऊ मंडल ने गंगा पुल पर टर्फ, ट्रैक और अन्य मरम्मत कार्य के लिए 27 दिन का ब्लॉक लिया। कार्य 5 दिसंबर को ही पूरा हो गया। परीक्षण में खरा उतरने के बाद 6 दिसंबर से डायवर्ट ट्रेनों को निकालने का आदेश हो गया।

यह ट्रेनें फिर दौड़ीं: पूना-लखनऊ एक्सप्रेस, कानपुर सेंट्रल-काठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस, फैजाबाद-कानपुर अनवरगंज एक्सप्रेस, छपरा फरुखाबाद, ब्रांद्रा टर्मिनस लखनऊ जंक्शन, वरुणा एक्सप्रेस, कानपुर-लखनऊ मेमूट्रेनों को वाराणसी, इलाहाबाद, कासगंज बरेली रूट से ट्रेनों का डायवर्जन किया गया था। कुशीनगर, कैफियत, गोरखपुर धाम, ऊंचाहार, लोकमान्य तिलक टर्मिनल, यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस, कवि गुरु ट्रेन का डायवर्जन भी निरस्त कर दिया गया। सभी ट्रेनें पुराने रूट से लौटीं। अंबाला, दिल्ली, कानपुर से डायवर्ट हुई जम्मूतवी एक्सप्रेस भी मंगलवार से पुराने रूट से बहाल कर दी गई।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s