जश्न-ए-चिरागां:हर पल नूर छा गया, खुशियां मनाओ, बारारबीउल आ गया

d131088118d131080124मोहसिने इंसानियत हजरत मोहम्मद साहब की यौम-ए-विलादत (पैदाइश) के मौके पर शहर में जश्न-ए-चिरागां मनाया गया। इस मौके पर हर सिम्त (दिशा) नूर की बारिश के साथ ‘सरकार की आमद मरहबा और ‘हर पल नूर छा गया, खुशियां मनाओ, बारारबीउल आ गया जैसे पाक नग्मे गूजते रहे। अन्जुमनों और तंजीमों ने मलेशिया, अबुधाबी और दुबई की ऐसी दिलकश मस्जिदों के मंजर पेश किए जिसे भुलाया नहीं जा सकता। हलीम गेट पर ‘फतेहपुरी सीकरी का दृश्य तो देखते ही बनता था। शारदा नगर में आला हजरत गेट पर तिरंगा फहराया गया।

शहर के मुस्लिम अधिसंख्य आबादी वाले इलाकों में शायद ही कोई ऐसा कोना छूटा हो जहां पाकीजा माहौल का अहसास न हो। दिलकश और ऊंचे गेट तैयार किए गए और इन्हें झालरों, कुमकुमों, झूमरों, ट्यूबलाइट और अनेक चीजों से रोशन किया गया। ईद मीलादुन्नबी के अनेक जलसे किए गए जिसमें मोहम्मद साहब की जिन्दगी से दर्स (शिक्षा) लेने की हिदायत की गई। अन्जुमन गौसिया के महबूब मलिक ने बताया कि शारदा नगर में आला हजरत गेट बनाया गया जिस पर पहली बार झण्डा फहराया गया।

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जश्न-ए-चिरागां में ये रहा खास

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sharda-nagarख्वॉबों का महल-पार्ट 03:अन्जुमन फिदाए मुस्तफा ने वीर अब्दुल हमीद पार्क में ख्वॉबों का महल-पार्ट 03 तैयार किया। शहर की सबसे खूबसूरज मस्जिद का अक्स देता यह प्रतिरूप कई मायनों में अनोखा था। खुर्शीद आलम ने बताया कि यह कारीगरी का अद्भुत नमूना है।

अबुधाबी की मस्जिद:अन्जुमन फैजान-ए-बरकात जश्न-ए-चिरागां कमेटी नई मस्जिद ने अबुधाबी की मस्जिद प्लास्टर ऑफ पेरिस से तैयार की गई। इसके लिए बाहर से कारीगर बुलाए गए थे। कमेटी के सदस्यों सदर जफर इकबाल, इजहारुल अंसारी, नूरुद्दीन खान और मोहम्मद सगीर बरकाती ने कहा कि शहर की यह अकेली सजावट है जो नई तरह से की गई है।

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बाबूपुरवा चौराहे पर मलेशिया की मस्जिद:बाबूपुरवा चौराहे पर मलेशिया की मस्जिद का प्रतिरूप तैयार किया गया। परवेज सिद्दीकी, मोहम्मद फहीम और मोहम्मद जका ने बताया मस्जिद तैयार करने में जो भी कारीगरी होती है उसे अन्जुमन खुदाए हक कमेटी के सदस्य ही खुद करते हैं। इसमें बाहर से कारीगर नहीं बुलाए जाते हैं।d131080124 hmic

दुबई की मस्जिद:अन्जुमन जिया-ए-नबी, रज्बी रोड पर दुबई की मस्जिद का प्रतिरूप बनाया गया। हारुन रशीद बरकाती, नईम कादरी चांद खान और शारिक बरकाती ने बताया कि कोलकाता के कारीगरों ने इसे बनाया है।हलीम गेट पर ‘फतेहपुरी सीकरी का दृश्य तो देखते ही बनता था। शारदा नगर में आला हजरत गेट पर तिरंगा फहराया गया।शहर के मुस्लिम अधिसंख्य आबादी वाले इलाकों में शायद ही कोई ऐसा कोना छूटा हो जहां पाकीजा माहौल का अहसास न हो।

 

 

 

sutarkhanaहिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल:इस्लामिया अहले सुन्नत कमेटी, सुतरखाना हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। यही कमेटी यहां आकर्षक गेट बनाती है और रोशनी करती है। श्रेष्ठ गुप्ता ने बताया कि कमेटी के सदर पिंकी यादव और मंत्री मोहम्मद इ्त्यियाक अहमद के साथ कमेटी के सदस्य महीनों मेहनत कर इसका निर्माण करते हैं। यह एतिहासिक सजावट है जो जमाने से हो रही है।

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