पत्नी से ज्यादा गहने पहनता है ये शख्स

कानपुर.कुछ शौक ऐसे होते है जो खुद ब खुद लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। यूपी के कानपुर में रहने वाले मनोज सेंगर को सोने-चांदी के आभूषण पहनने का शौक है। वो भी ऐसा कि जो इन्हें देखता है वो देखता ही रह जाता है। इन्‍हें कानपुर का बप्‍पी लहरी भी कहते हैं। अब इस शौक की वजह से इनको धमकियां मिलनी भी शुरू हो गई हैं।
सवाल: कैसे लगा ऐसा अनोखा शौक?
जवाब:
साल 1988 में आए ‘महाभारत’ सीरियल देख मुझे भी सोने और चांदी के आभूषण पहनने का शौक हुआ। क्षत्रियों का सोने और चांदी के बने आभूषण पहना ही पहला रुआब है। ऐसे में महाभारत देखने के बाद मैंने चार सोने की चेन करीब ढाई-ढाई सौ ग्राम की बनवाकर पहनी।
सवाल: घर में ऐसे शौक के लिए कभी डांट पड़ी?
जवाब:
हां, उस समय मेरे इस शौक के लिए पिताजी ने बहुत डांटा था। लेकिन मेरी जिद्द थी कि मैं ज्यादा से ज्यादा सोने की ज्वैलरी पहनूं।
दो बार मिल चुकी है इनको धमकी
 – मनोज के मुताबिक, इनके इस शौक की वजह से इनको 2014 में धमकी मिल चुकी है।
– 2015 के अगस्त महीने में एक बार रात के समय घर के बाहर से कुछ बदमाश इन्‍हें ले जाने की कोशिश भी कर चुके हैं।
– हाल ही में 4 दिसंबर 2016 को एक बार फिर इनके मोबाइल पर किसी ने फोन कर आधा किलो सोना मांगा था। न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
– मनोज सेंगर ने उस अज्ञात युवक के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज करवा दिया है। लेकिन अभी तक पुलिस उसके बारे में कुछ पता नहीं कर पाई है।
कर रहे हैं 24 घंटे सुरक्षा की मांग
 – अब मनोज कानपुर पुलिस से अपनी चौबीस घंटे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
– वही एसएसपी कानपुर आकाश कुलहरि ने 19 दिसंबर के बाद मिलने का समय दिया है।
– मनोज ने अपनी सुरक्षा में दो प्राइवेट बॉडीगार्ड लगाया है, वो जहां भी जाते हैं, बॉडीगार्ड इनके साथ होते हैं।
– जिस सफारी गाड़ी से ये चलते हैं उस गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाया हुआ है।
– इसके अलावा इनके पास खुद की एक रिवॉल्वर भी है, जिसे वो हमेशा अपने कमर में बांधकर रखते हैं।
सवाल: आपको कि‍स तरह की ज्‍वेलरी पहनना पसंद है?
जवाब: मेरे पास एक दर्जन से ज्यादा वेराइटी के सोने के चेन, लॉकेट के रूप में सोने की बनी ढाई सौ ग्राम की मछली, सौ ग्राम के हनुमान जी, सौ ग्राम के भोलेनाथ हैं।
1_1481881222सवाल: एक बार में आप लगभग कितना सोना पहनते हैं?
जवाब:
मैं अपने गले में करीब दो किलो सोना पहनता हूं। मेरे पास कान में कर्ण कुंडल, रिवाल्वर बट पर सोने की कवर, 3 सोने की ब बेल्‍ट हैं। रिवाल्वर को कमर से बांधने का सिक्कड़ भी सोने के है।
सवाल: आप चांदी के जूते पहनते हैं?
जवाब:
मेरे पास 2 जोड़ी चांदी के जूते हैं, जिसमें हर जूते का भार करीब सवा दो किलो ग्राम है।4 दिसंबर 2016 को इनके मोबाइल पर किसी ने फोन कर आधा किलो सोना मांगा था। न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
सवाल: मनीषा, आपको इनके साथ चलना अजीब नहीं लगता?
जवाब:
जब मैं शादी करके घर आई और इनको पहली बार सोने चांदी के गहने पहने देखा तो थोड़ा अटपटा लगा। लेकिन अब इसकी आदत पड़ चुकी है। 1995 के बाद इन्होंने ज्यादा सोने के लॉकेट पहनना शुरू किया था, तब मैंने इनको बहुत मना किया। लेकिन ये नहीं माने।1_1481881222-1
सवाल: कोई किस्‍सा बताइए, जब आप कहीं गईं हो इनके साथ तो अजीब लगा हो ?
जवाब:
शुरू में इनके साथ किसी के यहां फंक्शन या पार्टी में जाने पर सबकी निगाह हम दोनों पर ही रहती थी। पार्टी में महिलाएं कहती थीं कि तुम्हारे पति तो तुमसे भी ज्यादा गहने पहने हैं। तब थोड़ा खराब लगता था, लेकिन अब कोई कुछ नहीं बोलता।
सवाल: सत्‍यम, आपको कभी अजीब लगा कि आपके पापा ऐसे गहने पहनते हैं?
जवाब:
हां, शुरूआत में हमें भी पापा को इस रूप में देख थोड़ा अटपटा लगता था। पापा जब स्कूल आते थे तो दोस्तों के सामने शुरू में एम्बेरेसिंग फील होता था। लेकिन धीरे-धीरे हमें भी पापा का ये शौक अच्छा लगाने लगा।
सवाल: आपने कभी पापा को रोका नहीं?
जवाब:
हम दोनों भाइयों ने कभी पापा को इसके लिए नहीं टोका। बल्कि हमें उनके साथ कहीं भी जाने में अच्छा लगता है।
सवाल: मनोज आपने जॉब क्‍यों नहीं की?
जवाब:
बाबा जमींदार थे। उनके अंडर में कानपुर नगर और कानपुर देहात के मिलाकर करीब चालीस गांव थे। बाबा के जाने के बाद सारा काम इनके पिता स्वर्गीय राम नरेश सिंह ने सारा काम संभाला। खेती से घर चलता था, कोई दिक्कत नहीं थी। पिता जी ने काकादेव में एक तीन मंजिला मकान बनवा दिया था। जिसमें अब दो फ्लोर में हॉस्टल चल रहा है, जबकि सबसे ऊपरी मंजिल में मनोज सेंगर अपने परिवार के साथ रहते हैं। आजादी के बाद धीरे-धीरे काफी हद तक हमारी जमीने सरकार ने ले ली। कुछ जगहों पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया। वर्तमान में इनके पास कानपुर देहात में कुछ बीघा खेत है। जिसपर खेती की जाती है, इसके अलावा काकादेव में इनके तीन हॉस्टल चलते हैं।
सवाल: सुना है आपको समाज सेवा करना पसंद है?
जवाब: भगवान ने इनको सबकुछ दिया है। वर्तमान में इनकी 2 ज्वेलरी की दुकान है। एक दुकान पर खुद मनोज बैठते हैं, दूसरी पर उनके बड़े बेटे गौरव बैठते हैं। घंटो भगवान की आराधना करना मेरा रोज का रूटीन है। समय-समय पर अस्पतालों में मैं मरीजों को फल तो कभी कपड़े बांटता हूं। गरीब घर के पढ़ने वाले बच्चों को किताब, कॉपी और पेन्सिल देना मुझे अच्छा लगता है। साल में एक बार अपने मोहल्ले में भंडारा जरूर कराता हूं।
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