जिंदगी का आखिरी पड़ाव, जगा रहे ज्ञान की अलख


वह जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर हैं लेकिन ज्ञान की अलख जगाने में पूरी तल्लीनता के साथ जुटे हैं। प्रतिदिन प्राथमिक स्कूल के बच्चों को तीन घंटे तक शिक्षा देने के साथ जीवन में आगे बढ़ने के गुर सिखाते हैं। एकल विद्यालयों की सूची बना रखी है। अलग-अलग स्कूल में पूरा समय देते हैं। प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों में भी वह जोश भरते हैं। महज तीन साल के अर्से में लोगों की नजीर बन चुके हैं। यह शख्स हैं मकरंदनगर के यूसुफपुर भगवान निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता। इंटर कालेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत होने के बाद वह समाजसेवा से जुड़ गए।

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