शेरनी हो गई खुंखार, पिजरें के अंदर से लगा रही है दहाड़

36-1491972278

कानपुर. रायपुर से कानपुर चिड़ियाधर में लाए गए बब्बर के जोड़े ने कुछ माह में ही खुशखबरी दे दी। नंदनी नामक शेरनी ने रविवार को दो शवकों को जन्म दिया। लेकिन जब उसने 24 घंटे तक शावकों को दूध नहीं पिलाया तो डॉक्टरों ने मां के आंचल से बच्चों को दूर कर दिया। इसी के चलते नंदनी खुंखार हो गई और बाड़े के अंदर जमकर दहाड़ लगा रही है। उधर, शावकों को पाउडर के दूध में कोलेस्ट्रम, टेस्टोज बी-फाइव मिलाकर पिलाया जा रहा है।
जन्म के बाद बच्चों ने नहीं पिया दूध
 रविवार की देर रात शेरनी ने दो शावकों को जन्म दिया था। अत्यधिक कमजोर होने की वजह से शावकों ने मां का दूध नहीं पिया। डॉक्टरों की टीम ने 24 घंटे तक इंतजार किया। मंगलवार की शाम डॉक्टरों की टीम ने नंदिनी को बहाने से बाड़े से अलग किया। शावक से दूर होते ही नंदिनी दहाड़ने लगी। उधर शावकों को पाउडर के दूध में कोलेस्ट्रम, टेस्टोज बी-फाइव मिलाकर पिलाया गया। डॉक्टर यूजी श्रीवास्तव का कहना है कि पहले भी कई मामले ऐसे हुए हैं जब जन्म के बाद बच्चों ने दूध नहीं पिया है। ऐसे में दूध के साथ ही आवश्यक पोषक तत्व मिलाकर पिलाया जाता है। अभी तक कई बच्चों को ऐसे बचाया गया है।
रायपुर जू से लाए गया था जोड़ा
कानपुर के जू में करीब दो साल से ज्यादा समय से बब्बर शेर दहाड़ सुनाई नहीं दे रही थी। लंबे इंतजार के बाद चिड़ियाघर 11 अक्टूबर 2016 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नंदनवन प्राणि उद्यान से अजय शेर-नंदनी नाम की शेरनी का जोड़ा लाया गया था। शेर की उम्र आठ वर्ष और शेरनी की आयु छह वर्ष थी। इन शेर-शेरनी को अगस्त में कानपुर जू से भेजे गए बाघों के जोड़े के बदले लाया गया है। कानपुर चिड़ियाघर में जन्मे बाघ-बाघिन बादशाह और चित्रा अब रायपुर जू में हैं।
दिसंबर में हो गई थीनंदनी
डॉक्टर यूसी श्रीवास्तव ने बताया कि नंदनी और अजय को एक बाड़े में रखा गया। दिसंबर के आखरी सप्ताह में हमलोगों ने नंदनी का मेडिकल चेकअप किया। जहां टीम के सदस्यों को नंदनी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसी के बाद जू प्रशासन उसकी देखरेख में जुट गया। नंदनी पहली बार मां बनी है, इसी के चलते वह अभी शावकों को दुलार और प्यार नहीं कर रही। शेरनी से अलग करने के बाद शावकों को तीन बार दूध पिलाया गया है। डॉक्टरों की टीम शावकों की निगरानी कर रही है। चार से पांच घंटे बाद उन्हें दूध पिलाया जाता है।
शावक हैं बहुत कमजोर
 डॉक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि शावक भी कमजोर हैं इसलिए उन्हें दूध पीने में परेशानी हो रही है। शावक दूध पीने का प्रयास करते हैं लेकिन कामयाब नहीं हो पाते हैं। बतादें कुछ साल पहले जू में एक शेरनी दो शावकों को जन्म दिया था और वह भी बच्चों को दूध नहीं पिलाती थी। दो दिन के बाद शेरनी खुद दोनों बच्चों को मारकर खा गई थी। इसी के चलते जू प्रशासन कोई जोखिम उठाने को तैयार नहीं है और नए मेहमानों को उनकी मां से अलग कर दिया है। वहीं शेरनी की हर गतिविधि पर जू की एक टीम 24 घंटे सीसीटीवी के जरिए निगरानी कर रही है।
Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s