मैनचेटर सटोरियों का रहा है गढ़, मैच फिक्सिंग में फंसे थे क्रोनिए और अजहर!


कानपुर। क्रिकेट की जब अंग्रेजों ने अधारशिला रखी होगी तो उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि इस खेल में भी दाग लगेगा। लेकिन जैसे-जैसे क्रिकेट बढ़ा, इसके प्रशंसकों की संख्या में भी अन्य खेलों के मुकाबले जबरदस्त इजाफा हुआ और आज यह पूरी तरह कारोबार में बदल चुका है। इसी के चलते इस खेल पर अंडरवर्ड से लेकर आम सटोरिए की नजर अड़ गई। 90 के दशक के दौरान कानपुर में सट्टे की शुरूआत हुई और इसका संचालन विदेश में बैठे दाउद इब्राहीम करता था। डी कंपनी के गुर्गं ग्रीनपार्क में होने वाले मैच के दौरान सक्रिय हो जाया करते थे। 18 साल पहले लैंडमार्क होटल पुलिस में रेड की थी। जहां से पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा था, लेकिन अहजर और हैंसी क्रोनिए के साथ एक रूम में रूके बुकी मुकेश गुप्ता हाथ नहीं लगा। बताया जाता है कि खुद हैंसी क्रोनिए ने उसे दूसरे दरबाजे से बाहर निकाल दिया था। इस रैकेट में साउथ अफ्रीका के कैप्टन का नाम सामने आया था। खुद हैंसी ने मैच फिक्सिंग की बात कबूली भी थी।
क्रोनिए ने फिक्सिंग की बात कबूली थी
कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम 1999 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच एक दिवसीय मैच खेला गया था। मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी हैंडमार्क होटल में ठहरे थे। होटल के कमरा नंबर 125 में साउथ अफ्रीका के कैप्टन हंसी क्रोनिए ठहरे थे और इनके साथ ही बुकी मुकेश भी था। मैच होने के बाद पुलिस को बुकी के बारे में जाकनारी हुई तो वहां पर रेड मारी। इस दौरान बुकी मुकेश हाथ नहीं लगा, लेकिन उसके दो साथ पुलिस के हत्थे लग गए। इसके अलावा हैंसी क्रोनिए और बुकी के रिश्तों के दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किए। खुद हैंसी ने भी यह मैच फिक्स होने के बात कबूली थी।
अजहर ने मुकेश को क्रोनिए से था मिलवाया
पुलिस की जांच में यह बात खुलकर सामने आई थी कि मैच से पहले भारतीय टीम के पूर्व कैप्टन मोहम्मद अजहरूद्दीन ने बुकी मुकेश को साउथ अफ्रीका के कैप्टन से मिलवाया था। इतना ही नहीं दोनों खिलाड़ी मुकेश के साथ कई घंटे तक एक ही कमरे में बैठक भी की थी। जानकार बताते हैं कि मुकेश और अजहर के बीच गहरी दोस्ती थी। इस खुलासे के बाद बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग के आरोप में पूर्व कैप्टन पर अजीवन प्रतिबंद लगा दिया था और पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इसके अलावा इस मैच में एक अन्य भारतीय खिलाड़ी अजय शर्मा का फिक्सिंग में नाम आया था। इन पर भी बीसीसीआई ने प्रतिबंद लगाया था।

होटल के सीसीटीवी से खुलेंगे सटोरियों के राज

कानपुर : होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सटोरियों के राज खोलेगा। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज में नयन व विकास से मिलने वालों के फोटो भी आए होंगे। जिसमें आइपीएल से जुड़े लोगों से लेकर होटल व ग्रीन पार्क से जुड़े लोग भी हो सकते हैं। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक इसी आशंका के चलते होटल का सीसीटीवी कंट्रोल रूम सील किया गया है। 1सब पर खुफिया नजर : बुधवार रात होटल से तीन सटोरियों के दबोचे जाने के बाद गुरुवार को खुफिया की टीम सक्रिय दिखी। होटल में आने वालों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाती नजर आई। उन्होंने न केवल उनके नाम और पता जानने का प्रयास किया वरन यह भी देखा कि कौन-कौन खिलाड़ी बाहर जा रहा है और किसके साथ। सुबह खुफिया टीम ड्यूटी पर पहुंची तो बहुत से लोगों को जानकारी ही नहीं थी कि रात में होटल लैंडमार्क से तीन सटोरिये दबोचे जा चुके हैं। खुफिया टीम के कई सदस्य दिल्ली की टीम के खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेते रहे लेकिन दिल्ली की टीम के रवाना होने के बाद माहौल बदला सा नजर आने लगा। खुफिया टीम के मुताबिक बुधवार को होटल में कई ऐसे लोगों की भी आवाजाही थी जो पहले सट्टे को लेकर चिह्न्ति किए गए थे। इनकी सूची बन रही।
डी कंपनी ने मैच फिक्सिंग का फैलाया था जाल
 व्यापारियों और उद्यमियों की नगरी क्रिकेट के सट्टे का केंद्र रही है। यहां पर सट्टे का नेटवर्क पकड़ा जाना कोई नई बात नहीं है। 1999 से लेकर 2016 तक पुलिस ने कई सटोरियों को रंगे हाथों सट्अे लगाते हुए अरेस्ट किया। लेकिन इसकी असल में शुरूआत दाउद इंब्राहीम ने की थी। जब भी ग्रीनपार्क में मैच होता, वैसे ही डी कंपनी के गुर्गे सक्रिय हो जाया करते और इस पर जमकर दांव लगाते। अगर सूत्रों की माने तो अभी दाउद के गुर्गे आईपीएल में मैच फिक्सिंग बड़े पैमाने पर करते हैं। इसका कंट्रोल सीधे दुबई में बैठकर छोटा शकील करता है। दाउद इब्राहीम के कई गुर्गे पुलिस के शिकंजे में आए और जिन्होंने मैच फिकि्ंसग में शामिल होने की बात कबूली। 2016 के संस्करण में बेगमगंज से पुलिस ने चार लोगों को उठाया था, जिसमें एक ने दाउद के बुकी से संबंध होने की बात कबूली थी।
आईपीएल सीजन-6 में फंसे थे तीन प्लेयर
इंडियन प्रमियर लीग (आईपीएल) शुरू होते ही हर साल सट्टा बाजार गर्म हो जाता है। आईपीएल के प्रत्येक मैच में करोड़ों का सट्टा खेला जाता है। 2008 को आईपीएल की शुरूआत हुई, तभी से सटोरियों को यह बेहतरीन बाजार मिल गया। आईपीएम सीजन-6 में राजस्थान रायल के तीन खिलाड़ी फिकि्ंगस में फंसे थे। जिसमें श्रीसंत, अजीत चंडीला और अंकित चाणक्य शामिल थे। घटना के बाद क्रिकेट की दुनिया में हाहाकार बच गया। इसके अलावा आईपीएम सीजन-8 में भी फिक्सिंग की बात सामने आई थी।
राजस्थान के एक खिलाड़ी ने बीसीसीआई के एंटी करप्शन विंग से शिकायत की थी।
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