‘सीसामऊ बाजार” गरीबों का मेगामॉल


   ‘सीसामऊ बाजार” गरीबों का मेगामॉल। जी हां, आैद्योगिक शहर कानपुर का सीसामऊ बाजार गरीबों की हर खास-ओ-आम आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति करता है।
          चाहे परिधान खरीदने हों या फिर चुल्हा-चौका एवं घर-गृहस्थी का कोई सामान खरीदना हो, सभी कुछ इस बाजार में आसानी से मिलेगा। वह भी काफी किफायती दामों पर उपलब्ध होंगे। करीब तीन से पांच वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला सीसामऊ बाजार सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है। शहर के जरीब चौकी चौराहा से पी रोड पर बजरिया चौराहा के बीच पड़ने वाला सीसामऊ बाजार खास तौर से महिलाओं के परिधान एवं रेडीमेड गारमेंट्स के लिए जाना जाता है लेकिन उपलब्ध सब कुछ होगा। सीसामऊ बाजार खास तौर से पी रोड के पश्चिमी इलाके को कहा जाता था लेकिन अब बाजार का विस्तार काफी लम्बे-चौड़े एरिया में हो चुका है।
            सीसामऊ बाजार पूर्व में पी रोड व इसके आगे तक का इलाका है तो पश्चिम में जवाहर नगर, उत्तर में लेनिन पार्क व दक्षिण में राम बाग इलाका तक फैला है। महिलाओं के साज-ओ-श्रंगार का हर सामान सीसामऊ बाजार में उपलब्ध है तो वहीं सीसामऊ बाजार में आभूषण का एक अलग बाजार-मार्केट है। महिलाओं के साज-ओ-श्रंगार का हर आभूषण उपलब्ध होता है। खासियत यह कि गरीब परिवार भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति इस आभूषण बाजार से कर सकते हैं। करीब डेढ़ दशक पहले यह बाजार लाटरी के लिए विख्यात ंहो गया था। लाटरी गुरु ‘शर्मा जी” की ख्याति भी सीसामऊ बाजार से जुडी़ तो वहीं जवाहर नगर ढ़लान पर शूज, जूता-चप्पल-सैंडिल का बाजार विकसित हो गया। दलहन से लेकर हरी ताजी सब्जियां भी उपलब्ध कराता है यह बाजार।

             इस बाजार के पी रोड कार्नर पर कभी ‘गोपाल टाकीज” हुआ करती थी लेकिन अब गोपाल टाकीज ने रेडीमेड मार्केट की शक्ल अख्तियार कर ली है। इस तरह से देखा जाये तो चौतरफा सीसामऊ बाजार का विस्तार हुआ। सीसामऊ बाजार जहां एक ओर उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति करता है तो वहीं बड़ी तादाद में गरीबों को रोजी-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता है। सैकड़ों ठेला-ठेलिया वाले इस बाजार से रोजी-रोटी कमाते हैं। कोई बड़ी बात नहीं कि सीसामऊ बाजार के कारोबार का टर्नओवर एक अरब से अधिक हो। छोटे-बड़े दुकानदार-कारोबारियों को ही लें तो इनकी संख्यां भी पांच हजार से कम न होगी। कोई फुटपाथ पर दुकान लगा कर उपभोक्ताओं को उत्पाद की बिक्री करता है तो कोई आलीशान शोरुम से उपभोक्ताओं को लुभाता है।
         काफी लम्बे-चौड़े एरिया में सजने वाला यह बाजार उपभोक्ताओं-खरीददारों से हमेशा गुलजार रहता है। बच्चों को खिलौना दिलाना हो या बड़ों को सूट सिलवाना हो, कंहीं आैर जाने की जरुरत नहीं। सीसामऊ बाजार हर आवश्यकता की पूर्ति करेगा। सीसामऊ बाजार ने भी कई इतिहास रचे तो कई इतिहास देखे। कुछ भी हो सुई से लेकर सोने का हार तक सब कुछ उपभोक्ताओं को मुहैया कराने वाला यह बाजार देश-विदेश में भी जाना जाता है।