ये है सरकारी अस्पतालों की हकीकत, मरीजों की जान से यहां हो रहा खिलवाड़

कानपुर देहात. जहां योगी सरकार एक तरफ जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य के प्रति हर सुविधा उपलब्ध करवा रही है, वही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार एवं अस्पतालों में तैनात कर्मचारी मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है। ये हालात रसूलाबाद के 30 शैय्या मातृ एवम् शिशु चिकित्सालय का है, जहां तीन दिनों तक तीन प्रसूता…

हैलट में 600 करोड़ की लागत से इनडोर कॉम्प्लेक्स

– 70 साल पुराना इनडोर ब्लॉक तोड़कर दो मल्टीस्टोरी इनडोर बिल्डिंग्स बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव
– स्ट्रक्चरल डिजाइन के लिए कंस्ट्रक्शन फर्म के साथ हुई मीटिंग

सूली पर चढ़ा 24 घंटे बिजली का सपना

तेज हवा और बारिश से चरमराई बिजली व्यवस्था कानपुर : गुरुवार शाम चार बजे चली तेज हवाएं और बारिश के कारण केस्को की व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतर गई। मौनी घाट में गंगा बैराज के पास बारिश से केबिल बाक्स फट गया। इसके चलते एक घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इसी तरह कल्याणपुर…

खून की कमी और दवाओं का टोटा

शहर के सरकारी अस्पताल इन दिनों संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कहीं ब्लड बैंक में खून की कमी है तो कहीं दवाओं का टोटा पड़ा है। जीएसवीएम और उर्सला अस्पताल केब्लड बैंक तो लगभग खाली हो गए हैं तो वहीं एलएलआर अस्पताल (हैलट) में तमाम दवाएं और इंजेक्शन समाप्त हो चुके हैं। अब…

अंग्रेजों के जमाने के हैलट का नक्शा गायब

अंग्रेजों के जमाने में बने लाला लाजपत राय चिकित्सालय (हैलट) का नक्शा गायब हो गया है। दरअसल हैलट परिसर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के प्रस्ताव में स्टीमेट बनाने के लिए नक्शे की जरुरत पड़ गयी है। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिल पा रहा। अधिकारियों की दर्द यह है कि न मिलने की…

सातवें वेतनमान की सिफारिशें लागू होने पर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर और कर्मचारियों में खुशी की लहर

कानपुर : स्वास्थ्य विभाग को अगले महीने से बढ़े हुए वेतन का तोहफा मिलने लगेगा। सातवें वेतनमान की सिफारिशें लागू होने पर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कर कोई गुणा-भाग में लगा है। आकलन के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 25 सौ तो डॉक्टरों को 30 हजार रुपए की…

सैर सपाटे को निकले, दहशत में लौटे

सियालदह अजमेर एक्सप्रेस के पीड़ितों ने सुनाई आपबीती भगवान की कृपा और ख्वाजा के करम से बचे कानपुर: कोई परिवार सैर-सपाटे के लिए निकला था तो कोई कामकाज के सिलसिले में। अलग-अलग मंजिल तक जाने के सफर के बीच ही आए हादसे के स्टेशन ने दिलों को दहशत से भर दिया। मौत के जबड़े से…

जानलेवा शौक : नशे का इंजेक्शन दे रहा युवाओं को एड्स

एड्स की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एआरटी सेन्टर में 193 नन्हें लड़कों और 132 नन्हीं लड़कियों का भी इलाज चल रहा है। बच्चों को यह बीमारी उनके पिता से उन्हें मिली है। ये बच्चे शहर के साथ-साथ कानपुर देहात, कन्नौज, फरुखाबाद, हमीरपुर, फतेहपुर व उन्नाव के हैं

कानपुर ने भरे ‘जख्म’

कानपुर का हैलट हॉस्पिटल। प्रदेश के बड़े सरकारी हॉस्पिटल्स में एक। इस अस्पताल का नाम जहन में आते ही अव्यवस्था, मारपीट, इलाज की दिक्कत, जेआर की गुंडई जैसे सीन आंखों के सामने घूमने लगते हैं। लेकिन संडे को दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर- पटना एक्सप्रेस के घायलों के जख्मों में जो ‘मरहम’ हैलट हॉस्पिटल ने लगाया उसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हर तरफ चीख- पुकार मची थी, सैकड़ों घायल हॉस्पिटल पहुंचे। उनके साथ घायलों के परिजन भी बदहवास हालत में यहां आए। घायलों को इलाज और उनके परिजनों को जो सहारा कानपुर में मिला उसने एक बार फिर शहर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है

ट्रेन हादसा: डीप फ्रीजर में रखे जाएंगे अज्ञात शव, व्हाट्सअप से होगी पहचान

सभी अज्ञात शवों की फोटो खींचकर देश के सभी प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को व्हाट्सअप के जरिये भेज दी गयी है और उनसे कहा गया है कि वह अपने अपने जिलों में इन व्हाट्सअप फोटो को सभी को भेजकर इन शवों की पहचान करवाने का प्रयास करें।अहमद ने बताया कि कानपुर देहात के डीएम और एसपी को निर्देश दिये गये है इन अज्ञात शवों की फोटो देश के सभी प्रमुख अखबारों में छपवाने की व्यवस्था करें।

कानपुर की मदद को कभी न भूल पाएंगे…..

ट्रेन हादसे के बारे में बताते धर्मेद्र चंदेल। ट्रेन हादसे का मंजर अभी भी दिल में दहशत बनकर डरा रहा है। एक हादसे ने परिवार को किस हालात में पहुंचा दिया। इंदौर निवासी कारोबारी धर्मेन्द्र चंदेल अपना दर्द बयां करते-करते रुआंसे हो गए। बोले, परिवार के साथ इंदौर-पटना एक्सप्रेस से जा रहा था। दस सेकेण्ड…

कानपुर : अपने शहर के नर्सिग होम आग से महफूज नहीं हैं – हैलट, उर्सला और कार्डियोलॉजी सबसे सुरक्षित

आग से महफूज नहीं हैं नर्सिग होम हैलट, उर्सला और कार्डियोलॉजी सबसे सुरक्षित नर्सिग होम से जुड़े कुछ तथ्य
हैलट, उर्सला और कार्डियोलॉजी के आईसीयू व इमरजेंसी सबसे महफूज हैं। यहां दो सीढ़ियों के साथ रैम्प की सुविधा आईसीयू तक है। फायर फाइटिंग के लिए ¨स्टगविशर के साथ वाटर टैंक से पाइप लाइन के सहारे में पानी की सुविधा है।