इस बुजुर्ग ने किया ऐसा काम, जाति-धर्म का जहर घोलने वालों के लिए बना सबक

बिजली, कब्रिस्तान, श्मशान और कसाब में उलझाने वाले नेताओं के लिए अनोखी मिसाल। कानपुर. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान नेता वोटर्स से वोट पाने के लिए जाति-धर्म का जहर घोलकर दंगल फतह करने में लगे हैं। बिजली, कब्रिस्तान, श्मशान, कसाब के जरिए मतों के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन कानपुर में…

होली में समय से पहुंचाएंगी बसें व ट्रेनें

ली पर अबकी बार यात्रियों को समय से घर पहुंचाने के लिए रेलवे और रोडवेज प्रबंधन ने पहले से ही कमर कस ली है। रोडवेज प्रबंधन 10 मार्च की शाम से 188 स्पेशल बसें रूटों पर चलाना शुरू कर देगा। इन बसों का संचालन 16 मार्च तक नियमित जारी रहेगा। इसी तरह रेलवे ने अबतक…

किसके हैं सेंट्रल पर खड़े 1000 वाहन

अत्यंत संवेदनशील और ज्यादातर समय में हाई अलर्ट पर रहने वाले व्यस्ततम सेंट्रल स्टेशन पर एक हजार ऐसी कारें और दोपहिया वाहन खड़े हैं जिनकी जानकारी किसी को नहीं है। किसी को यह भी नहीं पता है कि ये वाहन कब और कौन खड़ा करके चला गया। वह कहां गया। क्या है उसकी पहचान। इनकी…

दिल्ली का सफर चार घंटे में

कानपुर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अगले साल से दिल्ली का सफर सवा चार घंटे में होगा। पिछले साल रेल बजट में हुए ऐलान को मूर्तरूप देने की कड़ी में 60 फीसदी से अधिक काम पूरा कर लिया गया है। बाकी काम भी तय अवधि में पूरा कर लिया…

कानपुर के पास ट्रेन पलटाने की साजिश हुई नाकाम: नक्सली तो नहीं रच रहे साजिश ?

जुलाई-2015 में याकूब मेमन की फांसी के बाद इंटेलिजेंस ने अलर्ट जारी किया था कि आतंकी फिश प्लेट्स उखाड़कर ट्रेनों को पलटने की साजिश कर सकते हैं। इसके बाद ऐसा कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ। जीआरपी अफसरों ने फिलहाल कोई अलर्ट न मिलने की पुष्टि की है। मंधना केस में आरपीएफ और कानपुर पुलिस ने अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।

हजारों यात्रियों से गुलजार रहने वाला सेंट्रल स्टेशन रूरा हादसे के बाद गुरुवार को पूरी तरह से सन्नाटे में तब्दील हो गया।

रूरा हादसे के दूसरे दिन सौ से अधिक ट्रेनों के निरस्त और डायवर्ट होने का व्यापक असर रहा। हजारों यात्रियों से भरा रहने वाले सेंट्रल स्टेशन का नजारा बिल्कुल उलट दिखा। सुबह से लेकर दोपहर तक यहां यात्रियों का अभाव रहा। दोपहर लगभग 12 बजे सभी प्लेटफॉर्मो पर सन्नाटा पसरा रहा। मजबूरी में जो मुसाफिर…

सेंट्रल स्टेशन से करिए ‘यादों’ का सफर

सेंट्रल स्टेशन पर सौंदर्यीकरण किया जाना है, इस दिशा में कई काम होने हैं। घंटाघर की ओर थीमपार्क बनाया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। जल्द ही यह हकीकत के धरातल पर आ जाएगा।

कोहरे ने बिगाड़ी ट्रेनों की चाल एक दर्जन से ज्यादा रहीं निरस्त

कोहरे से ट्रेनों की लेटलतीफी मुसाफिरों की आफत बनती जा रही है। राजधानी एक्सप्रेस तक देरी से चल रही है। पानी, खाना और भोजन के लिए यात्री जूझ रहे हैं।

सफर में सुविधा और समय की बात न करें

सफर में सुविधा और समय की बात न करें !शहर से विमान सेवा बंद। अब सफर के लिए बची रेल, तो दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की भरमार से रोज ही गड़बड़ाया रहता संचालन।चलिए बस सेवा का रुख करते हैं। झकरकटी बस अड्डे से वाल्वो, मिलेनियम और एसी बस सेवा है नहीं। सिटी बसें भी बंद हो चुकी हैं। आर्थिक तंगी के चलते उनका मेंटीनेंस नहीं हो पा रहा है। अब इस हाल में बड़ा सवाल है कि आखिर शहरवासी कैसे सुगम और सुविधाजनक सफर करें।