इतिहास के पन्ने गवाह हैं कि ग्वालटोली में महात्मा गांधी ने फावड़ा व झाडू उठाकर स्वयं सफाई की


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 148वीं जयंती पर केंद्र सरकार के प्रोत्साहन से भारत में गांधी जयंती को ‘स्वच्छता ही सेवा’ के रूप में मनाया जा रहा है। महात्मा गांधी ने स्वच्छता कार्यक्रम की शुरुआत 1934 में ही कर दी थी जब वह यूपी के सबसे बड़े औद्योगिक शहर कानपुर आए थे। इस शहर में उन्होंने मलिन…

कानपुर का महात्मा गांधी जी से गहरा नाता रहा है


कानपुर का नरवल का गणेश सेवा आश्रम आज भी महात्मा गांधी के सपनों को सजोए हुए है। 1934 में यहां महात्मा गांधी आए थे। कनपुरियों ने तब कस्तूरबा ट्रस्ट के लिए 3592 रुपए 13 आना एकत्र करके दिए थे। प्रार्थना सभा के दौरान इकट्ठा किए की गई सहायता राशि में 1541 रुपए उद्यमी कमलापत सिंहानिया ने दिए थे। महात्मा गांधी ने इस धन का एक हिस्सा नरवल आश्रम में कस्तूरबा भवन के लिए दे दिया था।