आम दिनों में जिस नयागंज बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी वहां मंगलवार को सन्नाटे के चलते मोटरसाइकिलें फर्राटा भर रही थीं

कानपुर। 500 और 1000 की नोटबंदी से कारोबारी नगरी,बाजारों को 2300 करोड़ रुपए की चोट


कानपुर। 500 और 1000 की नोटबंदी से कारोबारी नगरी को तगड़ा झटका लगा है। छह दिन में बाजारों को 2300 करोड़ रुपए की चोट लगी है। ग्राहक बाजारों में खरीद-फरोख्त के बजाय बैंकों में लाइन लगाए हुए हैं। हालात ये हैं कि रेडीमेड, मशीनरी, बजाजा, किराना, खुदरा, वाहन समेत सभी बाजार सन्नाटे में हैं। सहालग में कई ज्वैलर्स दुकानों का शटर तक नहीं उठा रहे हैं। किराना बाजार में कारोबारी एक ही गद्दी पर बैठकर गप्प लड़ाकर दिन गुजार रहे हैं। कपड़ा बाजार में कर्मचारी सन्नाटे में हैं। सैकड़ों क्विंटल सरिया और लोहा बेचने वाले हालसी रोड के कारोबारी बोहनी के लिए तरस रहे हैं। वहीं, लाटूश रोड में भी कारोबार ठप है।

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कानपुर, मेस्टनरोड बाजार का हाल:


कानपुर: मेस्टन रोड बाजार दो थानों के बीच में है लेकिन यातायात व्यवस्था सबसे ज्यादा ध्वस्त है। अगर आप मेस्टन रोड होते हुए मूलगंज की ओर जा रहे हैं तो जाम में फंसना तय है। त्योहारी सीजन में खरीदारी करने वालों की भीड़ तो मिलेगी, साथ ही बीच सड़क पार्किग में खड़े वाहन और फुटपाथ तक सजी दुकानें आपका रास्ता रोकेंगी लेकिन इससे निजात दिलाने को कोई आगे नहीं आता। मेस्टन रोड मुख्य रूप से असलहा बाजार, बिसातखाना, रेडीमेड का बाजार है। यहीं से प्रयाग नारायण शिवाला, चश्मा मार्केट, किताब मार्केट, इलेक्ट्रानिक्स का बड़ा बाजार मनीराम बगिया, चौक सराफा आदि जाने के रास्ते हैं।