आजादी के दीवानों की याद में मनाया जाता है हटिया होली मेला


कानपुर : क्रांतिकारियोंकी ये धरती राष्ट्रप्रेम के उसी रंग में आज भी सराबोर है। दुनिया के लिए होली सिर्फ धार्मिक पर्व होगा, लेकिन शायद कानपुर इकलौता ऐसा शहर है, जहां इसे राष्ट्रप्रेम के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। ब्रिटिश हुकूमत की ज्यादती के खिलाफ शुरू हुई परंपरा में हटिया होली मेला (गंगा…

कानपुर आइए यजमान, नवरात्रि में इन मंदिरों के करें दर्शन, होगी हर मुराद पूरी


कानपुर. शहर में कई एतिहासिक मंदिर हैं। मुगलों से लेकर अंग्रेजों के किले और महल हैं। एशिया के इस मैनचेस्टर में 500 से लेकर 2000 साल प्रतिष्ठित नौ देवी माता के 6 मंदिर है।इन मंदिरों में उमड़ता है आस्‍था का सैलाब, जानें क्‍या है महत्‍व– हर मां के मंदिर का अपना अलग महत्व है। नवरात्र पर्व पर इन सभी मंदिरों में हरसाल सैकड़ों की तादाद में भक्त आते हैं और मन्नतें मांगते हैं। अपने दर पर आने वाले भक्तों को मां खाली हाथ नहीं लौटाती उनकी हर मुराद वह पूरी करती हैं। इन 6 मंदिरों में स्थापित मां की मूर्ति पर उनके यहां पर विराजने की कहानी कुछ खास है। यहां के प्राचीन मंदिरों में मां बारादेवी, मां बुद्धादेवी, मां वैभव लक्ष्मी, मां तपेश्वरी देवी, मां जंगली देवी और मां कुष्मांडा हैं। इन मंदिरों में सिर्फ कानपुर के भक्तों की ही नहीं, बल्कि दूर-दूर और दूसरे जिलों से भी भक्त दर्शन-पूजन करने के लिए आते हैं।